श्री मान

हम सब वर्कर आपके काम करे मन लगाय
डांट पड़ी जब आपकी मन जाता घबडाय

मन घबडाता रात दिन होय न मन से काम
व्यथा मेरे मन की सुनें अर्ज़ करूँ श्रीमान

महंगाई के हाल की जानें सकल जहान
बीवी के ताने सुनूं, बच्चो के फरमान
अत सब्जी डाल का क्या क्या करूँ बखान
दो दिन से श्रीमान जी किया नहीं है स्नान

साबुन तेल की बात करूँ ना, सबसे महंगा पानी
घर कोई मेहमान आ गए, याद आ गयी नानी

तीज और त्योहारों की तिथि भूल गया मैं भाई
अगर न बोनस बाधा हमारा, डूब मरूँगा खाई

मेरे अंतर्नाद को किसे कहूं समझाय
अगर आपसे न कहा दिखे न कोई उपाय

बनिए साहब नेक दिल, बोनस बाधा दीजिये
“कमला” देंगे आशीष, बच्चों की दुआएं लीजिये

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भ्रष्टाचार

दो राहो के बीच खड़ा मैं, सोचूँ  बारामबार
जाऊं किधर बता दो गिरधर खुशियाँ मिले अपार

यहाँ वहाँ तृष्णा फैली है तुम जानो मैं जानूं
मन में प्रेम जगाओ प्रभुजी तो मैं तुमको मानु

मिथ्या ख़ुशी से पागल ये मन करता है ललकार
दिया बेच अपने ही घर को करता भ्रष्टाचार

गाँव नगर और देश बेचकर खुशियाँ बहुत जुटाए
जब हिसाब की बारी आई पागल मन घबडाए

कुछ तो करो वीर मानव तुम , अपने उच्च विचार
जन जन के उज्वल जीवन में दिखे न भ्रष्टाचार

भ्रष्ट स्वंय जब मैं ही खुद हूँ , किससे करूँ गुहार
मिटा सको तो मिटा दो “कमला” देश से भ्रष्टाचार

जय माँ काली जय माँ शेरावाली

झुलाई माई झुलना, निमिया की डार
झुलाई माई झुलना, निमिया की डार

लाल लाल फुलवा क लाल बगीचवा
लाल लाल फुलवा क माईजी क हार
झुलाई माई झुलना, निमिया की डार ||2||

लाल लाल मंदिर क लाल मोहरवा
लाल लाल चन्दन की लाल किवाड़
झुलाई माई झुलना, निमिया की डार ||2||

लाल लाल गोटवा क लाल चुनरिया
लाल सिंदुरवा मंगिया में डार
झुलाई माई झुलना, निमिया की डार ||2||

लाल लाल मिनवा क पाय पैजनिया
लाल महावर पौंवा में डार
झुलाई माई झुलना, निमिया की डार ||2||

लाल लाल ललना के माई क अशिशवा
मिले तोहे खुशियाँ “कमला” अपार
झुलाई माई झुलना, निमिया की डार ||2||

“जय माँ काली जय माँ शेरावाली”
|| जय माता दी ||